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सहारनपुर: कैफे और होटलों में संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा, प्रशासन बना मूकदर्शक!

बड़े शहरों की तर्ज पर सहारनपुर में पनप रहा यह धंधा, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

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सहारनपुर: कैफे और होटलों में संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा, प्रशासन बना मूकदर्शक!

बड़े शहरों की तर्ज पर सहारनपुर में पनप रहा यह धंधा, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

सहारनपुर | कोर्ट रोड स्थित TEN-11 कैफे के संचालक उवैश गाड़ा की संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत ने शहर के कैफे और होटलों में चल रही अवैध गतिविधियों की परतें खोल दी हैं। जहां पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, वहीं सूत्रों का दावा है कि थाना सदर बाजार क्षेत्र में कई ऐसे कैफे और होटल हैं जहां अवैध गतिविधियां बेधड़क संचालित की जा रही हैं।

कैफे और होटलों में संदिग्ध गतिविधियां

जानकारी के मुताबिक, शहर के पॉश इलाकों में स्थित कई कैफे और होटलों में नाबालिग लड़के-लड़कियों का आना-जाना आम हो गया है। इन कैफे में 200 से 400 रुपये प्रति घंटे तक बैठने का शुल्क लिया जाता है, जबकि खाने-पीने का बिल अलग से होता है। कुछ जगहों पर बिना आईडी के होटल के कमरे 600 से 1000 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो कई बच्चियां घर से ट्यूशन जाने के बहाने इन होटलों और कैफे में समय बिताने पहुंचती हैं। वहां क्या होता है, यह कह पाना मुश्किल है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

नशीले पदार्थों और जुए का अड्डा बने कैफे?

मिली जानकारी के अनुसार, कई कैफे में हुक्का, गांजा और स्मैक जैसी नशीली चीजें आसानी से उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अलावा, कुछ जगहों पर जुए के अड्डे भी संचालित हो रहे हैं। बावजूद इसके, थाना सदर बाजार पुलिस की अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।

“महीना सेट” का खेल?

सूत्रों का कहना है कि थाना सदर बाजार के चौकी इंचार्ज इन गतिविधियों की पूरी जानकारी रखते हैं, लेकिन महीने की सेटिंग के चलते कोई कदम नहीं उठाते। यही नहीं, कुछ तथाकथित पत्रकार भी इन कैफे से पैसे वसूलते हैं, जिससे इन अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है।

क्या SSP लेंगे सख्त एक्शन?

यदि सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) इन कैफे और होटलों की निष्पक्ष जांच कराएं, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। साथ ही, TEN-11 कैफे के संचालक उवैश गाड़ा की मौत से जुड़े राज भी खुल सकते हैं।

अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इन अवैध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए तैयार है, या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा?

रिपोर्ट: वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📞 एलिक सिंह (संपादक) – 8217554083
📞 जिला प्रभारी (BJAC) भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद्

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